नयी दिल्ली , नवंबर 01 -- चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 127 की मतदाता सूची तैयार करने में अनियमितता बरतने के मामले में दो अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश दिए हैं।

आयोग ने इन अधिकारियों के साथ-साथ एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ पहले दायर की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में कुछ नयी धारा जोड़ने के भी निर्देश दिए हैं।

आयोग ने यह कार्रवाई इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी के माध्यम से प्राप्त एक जांच रिपोर्ट के आधार पर की है। आयोग को यह रिपोर्ट 24 अक्टूबर को प्राप्त हुई थी, जिसकी समीक्षा के बाद आयोग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के नये निर्देश कल शाम जारी किए।

आयोग की अवर सचिव दीपमाला द्वारा भेजे गए पत्र में निर्देश है कि पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में अनियमितता के आरोप में मतदाता पंजीयन अधिकारी मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ आरोपपत्र जारी कर उसकी प्रति आयोग को भी भेजी जाए।

आयोग के पत्र में कहा गया है कि इन दोनों अधिकारियों और संबंधित वीआरसी कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 198 भी जोड़ी जाए। आयोग का कहना है कि दोनों अधिकारियों को इसकी अनुमति के बगैर बहाल नहीं किया जाए।

आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी से पीलीभीत जिले की चार विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों में नाम को जोड़ने घटाने या संशोधित करने के कार्य की समीक्षा करवा कर जिला निर्वाचन अधिकारी की समीक्षा रिपोर्ट भी एक सप्ताह के अंदर तालाब की है। साथ उस रिपोर्ट पर मुख्य चुनाव अधिकारी से टिप्पणी भी भेजने को कहा गया है।

आयोग ने इस संबंध में वीआरसी कंप्यूटर ऑपरेटर तथा पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र नंबर 127 के पांच सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों के खिलाफ पहले के निर्देशों के तहत की गई कार्यवाही की रिपोर्ट भी मंगवायी है, जिसे तीन दिन में प्रस्तुत करने को कहा गया है।

आयोग ने निर्देश दिया है कि पीलीभीत की मतदाता सूची की जिला चुनाव अधिकारी और मतदाता पंजीकरण अधिकारियों के माध्यम से गहन समीक्षा कराई जाए। आयोग ने इस मामले में फार्म 6 ,7 और 8 के तहत मतदाता सूची में नाम को जोड़ने काटने और उसमें संशोधन किए जाने की जानकारी की प्रविष्टियों की विशेष समीक्षा किए जाने को कहा है।

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