पीलीभीत , सितंबर 02 -- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मैदानी क्षेत्र से लेकर पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। शारदा, देवहा और खकरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कक्षा एक से आठ तक के सभी परिषदीय, मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालयों में स्थिति सामान्य होने तक अवकाश घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
मंगलवार से बुधवार तक बनबसा बैराज से शारदा नदी में दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहा। वहीं, नानक सागर बांध से देवहा नदी में करीब 30 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बनबसा से छोड़ा गया पानी मंगलवार दोपहर तक ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा जिला कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गया। कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं के चैंबरों के अंदर भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है।
शारदा नदी किनारे बसे गांवों में धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर से लगातार घोषणा कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों ने घरेलू सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। सोमवार रात से हो रही लगातार बारिश के कारण खकरा नदी में भी उफान आ गया है। न्यूरिया बस स्टैंड से रामपुर बोरख होते हुए धनकुना जाने वाले मार्ग पर बना रपटा पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है। पुल पर कमर तक पानी भरने और तेज बहाव के कारण वाहनों की आवाजाही बंद हो गयी है।
इससे सकोला, रफियापुर, महचंदी, डंडिया, कैमा और धनकुनी समेत करीब 18 गांवों का कस्बे से संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को जरूरी सामान खरीदने और उपचार के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है। लगातार बारिश के बीच मंगलवार शाम करीब चार बजे जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने ग्राम भिकारीपुर के पास भगा-मोहम्मदगंज पुल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व आयी बाढ़ में देवहा नदी पर बने पुल का संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से दर्जनों गांवों का जिला और तहसील मुख्यालय से सीधा संपर्क बाधित है।
जिलाधिकारी ने मौके पर नदी के कटान की स्थिति का जायजा लिया और प्रस्तावित परियोजना के नक्शे का निरीक्षण कर अधिकारियों से तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षात्मक कार्यों को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की। श्री सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि भगा-मोहम्मदगंज पुल के विस्तारीकरण, क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग के पुनर्निर्माण और नदी के कटान को रोकने के लिए जरूरी कार्यों के संबंध में शासन स्तर पर वार्ता की जाएगी। मंजूरी मिलते ही कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। प्रशासन ने लोगों को बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर और टूटे तारों से दूर रहने की चेतावनी दी है। घर से निकलने की आवश्यकता होने पर जरूरी दस्तावेज, मोबाइल फोन, दवाइयां, पेयजल और खाद्य सामग्री साथ रखने की सलाह दी गयी है।
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