पीलीभीत , जून 22 -- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में सामने आए करोड़ों रुपये के कथित वेतन घोटाले के मुख्य आरोपी निलंबित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच नए सिरे से शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए नई तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। बीसलपुर जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना ने सोमवार को बताया कि पूर्व में गठित जांच समिति के सदस्यों ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए जांच प्रक्रिया से स्वयं को अलग कर लिया था। ऐसे में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नई तीन सदस्यीय समिति का गठन कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि निलंबित कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी को डाक के माध्यम से विस्तृत आरोप पत्र भेजा गया है। आरोप पत्र में उनके विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों का बिंदुवार उल्लेख किया गया है तथा उनसे 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रधानाचार्य ने कहा कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है तो नियमानुसार उनकी सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि यह मामला डीआईओएस कार्यालय में संबद्धता के दौरान वेतन बिलों में कथित हेराफेरी और फर्जीवाड़े के माध्यम से करोड़ों रुपये के गबन से जुड़ा है। मामले का खुलासा होने पर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव सिंह ने कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी इल्हाम उर रहमान शम्सी तथा उसके कुछ सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में विभागीय कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार नई जांच समिति के गठन के बाद मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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