पीलीभीत , अक्टूबर 22 -- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों एसडीएम को पद से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने गुरुवार देर शाम मीडिया को बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के निर्देश पर कराई गई प्रारंभिक जांच में पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी और अमरिया के एसडीएम हेमंत चौधरी की भूमिका सामने आई है। संबंधित अवधि में दोनों अधिकारी मतदाता सूची तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
डीएम के अनुसार, जांच में अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद करीब 13,150 मतों से संबंधित गड़बड़ियां सामने आने की बात कही गई है। निर्वाचन आयोग ने जिले की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जहां भी मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी, उसकी जांच कराई जाएगी।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने दावा किया था कि सदर विधानसभा क्षेत्र में 13,150 मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर समान हैं, जबकि उनके नाम और पिता के नाम अलग-अलग दर्ज हैं। आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद जुलाई से सितंबर के बीच कुछ मतदाताओं के पहचान पत्र नंबरों में गड़बड़ी की गई, जिससे उनकी पहचान और मतदान के अधिकार पर असर पड़ने की आशंका है।
गत 15 अक्टूबर को आवास विकास क्षेत्र के निवासी फैजान और फरहान ने भी जिलाधिकारी से शिकायत कर ईपीआईसी आईडी पर गलत नाम दर्ज होने का आरोप लगाया था। इसी दिन पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने भी 13 हजार से अधिक मतदाताओं से जुड़ी गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए जांच की मांग की थी।
शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि, राजनीतिक दलों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होना बाकी है।
एसडीएम मयंक गोस्वामी वर्ष 2020 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। करीब तीन वर्ष पहले रामपुर जिले के बिलासपुर से स्थानांतरित होकर पीलीभीत आए थे। जिले में उनकी पहली तैनाती एसडीएम अमरिया के रूप में हुई थी। उस दौरान उनके खिलाफ ट्रकों से वसूली की शिकायतें सामने आने और अधिवक्ताओं की ओर से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। 16 जुलाई 2026 को तत्कालीन जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने उन्हें जिले की सबसे बड़ी तहसील पूरनपुर की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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