चंडीगढ़ , अगस्त 18 -- पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव को लेकर कैंपस की सियासत तेज हो गई है। छात्र संगठनों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी बीच एनएसयूआई ने चुनाव में अपने पैनल की जीत का दावा किया है। संगठन के नेताओं ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दे इस बार चुनाव में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।

एनएसयूआई नेताओं ने पीयू के हॉस्टलों की खराब स्थिति, फीस में लगातार बढ़ोतरी, सुविधाओं की कमी, सड़कों पर जलभराव और छात्रों की सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पर्याप्त बजट और अनुदान उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। नेताओं के मुताबिक, इन समस्याओं को लेकर छात्रों में नाराजगी है और इसका असर छात्रसंघ चुनाव में दिखाई देगा।

इस दौरान सुमित शर्मा और उनकी टीम के एनएसयूआई में शामिल होने का भी स्वागत किया गया। नेताओं ने कहा कि इससे संगठन को कैंपस में मजबूती मिलेगी। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज अखिल के छात्रों के बीच संवाद को भी संगठन ने महत्वपूर्ण बताया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में एनएसयूआई की जीत पार्टी के लिए आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण संदेश दे सकती है। उन्होंने छात्रों से एबीवीपी को विश्वविद्यालय से बाहर करने का आह्वान किया।

एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ समेत कई राज्यों के विद्यार्थी पढ़ते हैं, इसलिए छात्रसंघ चुनाव के परिणाम का राजनीतिक संदेश कैंपस से बाहर भी जा सकता है।

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