चंडीगढ़ , सितंबर 12 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाब विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास पाठ्यक्रम से पंजाब के इतिहास से संबंधित चार पेपर हटाए जाने पर चिंता जताते हुए फैसले को वापस लेने की मांग की है।

शिअद के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने शनिवार को कहा कि इन चार पेपरों के माध्यम से विद्यार्थियों को 15वीं से 17वीं सदी, 18वीं, 19वीं और 20वीं सदी के पंजाब के इतिहास का अध्ययन करने का अवसर मिलता था। उन्होंने कहा कि पंजाब के समृद्ध इतिहास और विरासत से जुड़े इन विषयों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

डॉ चीमा ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति एवं इतिहास विभाग के प्रमुख के समक्ष उठाया है और दोनों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि फैसला जल्द वापस लिया जायेगा तथा पहले का पूरा पाठ्यक्रम बहाल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास से जुड़े सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील मामलों में भविष्य में ऐसे फैसले नहीं दोहराए जाने चाहिए। पंजाब का इतिहास अकादमिक अध्ययन का अभिन्न और सम्मानित हिस्सा बना रहना चाहिए।

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