चमोली, अगस्त 13 -- उत्तराखण्ड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर पीपल कोटी में 440 मेगावाट की टीएचडीसी की निर्माणाधीन विद्युत परियोजना की टनल के अंदर गुरुवार की सांय लगभग 7 बजकर 30 मिनट पर अचानक भू धसाव हो गया जिससे टनल के अंदर उस समय मौजूद 30 से अधिक श्रमिक मलवे में फंस गये जिनमें 16 श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ सहित संबंधित एजेंसियों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रारंभिक कार्रवाई में 16 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि शेष व्यक्तियों की सुरक्षित निकासी के लिए अभियान लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिये गये हैं।

श्री धामी ने कहा कि वे स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं तथा स्थिति की पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी आवश्यक संसाधन लगाये गये हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये तथा प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने ईश्वर से सभी लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा आवश्यकतानुसार हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

इस बीच सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि टनल में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिये गये हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता टनल में फंसे सभी व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालना है और इसके लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन एवं विशेषज्ञ दल भी उपलब्ध कराये जायेंगे। जिला प्रशासन एवं राहत-बचाव से जुड़ी सभी एजेंसियां घटनास्थल पर समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है तथा घटनाक्रम से संबंधित विस्तृत एवं अद्यतन जानकारी प्राप्त होने पर साझा की जायेगी।

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