आगर-मालवा , मार्च 10 -- मध्यप्रदेश में आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध पीताम्बरा सर्वसिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में पूजा-पाठ और अनुष्ठान कराने वाले पंडितों की पात्रता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर प्रबंधन के नए नियम के विरोध में पंडितों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।

जानकारी के अनुसार मंदिर प्रबंधन ने हाल ही में नई व्यवस्था लागू करते हुए मंदिर में हवन, पूजन और अनुष्ठान कराने वाले पंडितों के लिए कक्षा 12वीं में संस्कृत विषय होना अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय का मंदिर के कई पंडित विरोध कर रहे हैं।

मंगलवार को पंडितों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर नई व्यवस्था को वापस लेने और पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की। पंडितों का कहना है कि नई पात्रता लागू होने के कारण उन्हें मंदिर में हवन-पूजन और अनुष्ठान करने से रोका जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

पंडित ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि वर्षों से सेवा दे रहे पंडितों को अचानक इस तरह प्रतिबंधित करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उनकी आजीविका को ध्यान में रखते हुए पुराने नियमों के अनुसार मंदिर में कार्य करने की अनुमति दी जाए। पंडितों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन भी किया जाएगा।

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