पटियाला , अगस्त 26 -- पावर सेक्टर एम्प्लाइज, इंजीनियर्स एंड पेंशनर्स की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) से कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) की सभी किस्तें, वेतनमान से संबंधित बकाया तथा पेंशन एरियर तत्काल जारी करने की मांग की है।

जेएसी ने पीएसपीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को भेजे पत्र में कहा है कि वैध वित्तीय देयों को लगातार रोके जाने से कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनरों में भारी रोष, चिंता और निराशा पैदा हो रही है। जेएसी के नेता अजय पाल सिंह अटवाल ने बुधवार को कहा कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पीएसपीसीएल प्रबंधन इन लंबे समय से लंबित मामलों पर निर्णय लेने और उन्हें लागू करने में देरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने उच्च न्यायालय में दायर हलफनामों में पीएसपीसीएल को राज्य सरकार के नियंत्रण से स्वतंत्र एक स्वायत्त निगम बताया है, लेकिन प्रशासनिक सुविधा के अनुसार वैध बकाया जारी करने में बाहरी मंजूरियों या निर्भरताओं का हवाला दिया जाता है। उन्होंने इसे विरोधाभासी और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया।

श्री अटवाल ने कहा कि इन भुगतानों को रोकने से पीएसपीसीएल को कोई वास्तविक वित्तीय बचत नहीं हो रही है। इसके विपरीत, देरी के कारण निगम की वित्तीय देनदारी लगातार बढ़ रही है, क्योंकि न्यायालय द्वारा ब्याज और अन्य वित्तीय देनदारियां भी लगायी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बकाया भुगतान को टालने से सार्वजनिक धन और निगम के संसाधनों पर अनावश्यक बोझ पड़ रहा है। इसलिए लंबित देयों का तत्काल निपटारा करना न केवल न्यायसंगत और न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन के लिए जरूरी है, बल्कि वित्तीय दृष्टि से भी उचित कदम है। जेएसी ने पीएसपीसीएल प्रबंधन से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर सभी लंबित डीए किस्तों, वेतनमान संबंधी बकाया और पेंशन एरियर को बिना किसी और देरी के जारी करने के निर्देश देने की मांग की है।

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