वाराणसी , जून 13 -- उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य तथा वाराणसी जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में केंद्र सरकार द्वारा कराए गए जनकल्याणकारी विकास योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश की और काशी की तस्वीर बदली है।
उन्होने कहा कि अब तक ऐतिहासिक विकास एवं जनहितकारी निर्माण कार्य कराए गए हैं। पहले बेरोजगार युवकों को अपने प्रमाण-पत्रों को प्रमाणित कराने के लिए राजपत्रित अधिकारी के पास जाना होता था, लेकिन प्रधानमंत्री काल के पहले वर्ष में ही सेल्फ अटेस्टेड की व्यवस्था बना दी गई। उत्तर प्रदेश में 10 स्मार्ट सिटी बनाई गईं। जबकि प्रदेश के 7 शहरों को उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट सिटी बनाया। वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाना है और उसी विजन के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।
मंत्री सुरेश खन्ना ने जनपद वाराणसी की विगत 12 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियां बताते हुए कहा कि काशी का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं धार्मिक पुनर्जागरण हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काशी ने अपनी प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्व मंच पर स्थापित किया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना के माध्यम से बाबा विश्वनाथ के धाम को भव्य, दिव्य एवं विश्वस्तरीय स्वरूप प्रदान किया गया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुईं।
नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत गंगा घाटों का व्यापक पुनर्विकास, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरणीय संरक्षण सुनिश्चित किया गया। पंचकोशी परिक्रमा पथ के पांच प्रमुख पड़ावों-कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, शिवपुर एवं कपिलधारा-का व्यापक विकास कराया गया। पंचकोशी मार्ग चौड़ीकरण पर लगभग 97 करोड़ रुपये तथा धार्मिक एवं पर्यटन विकास पर लगभग 39.30 करोड़ रुपये व्यय किए गए। 42 धर्मशालाओं, तालाबों, घाटों एवं तीर्थ सुविधाओं का विकास किया गया।
सारनाथ में बुद्ध थीम पार्क, प्रकाश एवं ध्वनि शो, पर्यटक आवास गृहों के उन्नयन, सारंगनाथ मंदिर विकास एवं बौद्ध पर्यटन सुविधाओं पर करोड़ों रुपये व्यय किए गए। संत रविदास जन्मस्थली सीरगोवर्धन, कालभैरव मंदिर, केदारेश्वर, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास कराया गया। काशी यात्रा ऐप विकसित कर श्रद्धालुओं को बहुभाषीय डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
आधुनिक आधारभूत संरचना एवं अभूतपूर्व कनेक्टिविटी की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि विगत 12 वर्षों में वाराणसी की आधारभूत संरचना में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं, आधारभूत संरचना और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुए हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम, रिंग रोड, स्मार्ट सिटी, गंगा घाटों का पुनर्विकास, पंचकोशी यात्रा मार्ग, आधुनिक स्वास्थ्य संस्थान, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, किसानों-उद्यमियों को वित्तीय सहायता और पर्यटन-आधारित अवसंरचना ने काशी को वैश्विक पहचान दिलाई है। रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, फोरलेन मार्गों, फ्लाईओवरों, रेलवे ओवरब्रिजों एवं संपर्क मार्गों के निर्माण से जनपद की यातायात व्यवस्था पूरी तरह परिवर्तित हुई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में वाराणसी का जीडीपी 22,586 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 56,900 करोड़ रुपये पहुंच गया है। प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 1.14 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि विरासत और विकास के समन्वय के साथ काशी आज सुशासन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और समग्र विकास का राष्ट्रीय मॉडल बन चुकी है।
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