नयी दिल्ली , सितंबर 24 -- आठवीं पीएम मेमेंटो ई-नीलामी 2026 में केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले 32 मेमेंटो नीलामी के लिए उपलब्ध कराये गये हैं।

संस्कृति मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि पीएम मेमेंटो ई-नीलामी में राज्य की पारंपरिक कला, शिल्प कौशल, प्रदर्शन परंपराओं, समुद्री विरासत और आध्यात्मिक-सामाजिक परंपराओं से जुड़े विभिन्न नमूने शामिल हैं। यह ई-नीलामी दो अक्टूबर तक चलेगी। संग्रह में पारंपरिक नेट्टूर पेट्टी, लघु चुंडन वल्लम, कथकली और थेय्यम से जुड़ी कलाकृतियां, केरल की भित्ति कला तथा ऐतिहासिक बेपोर उरु का दस्तकारी मॉडल प्रमुख हैं। नेट्टूर पेट्टी का इस्तेमाल परंपरागत रूप से आभूषणों और पवित्र वस्तुओं को रखने के लिए किया जाता था। वहीं चुंडन वल्लम केरल की बैकवाटर संस्कृति और ओणम के दौरान होने वाली पारंपरिक नौका दौड़ से जुड़ी सर्प नौका का प्रतीक है।

संग्रह में केरल की मंचन और अनुष्ठानिक कलाओं को भी स्थान दिया गया है। कथकली नृत्यांगना की प्रदर्शन गुड़िया और कथकली कलाकार का प्रिंट इस शास्त्रीय नृत्य-नाटक की विशिष्ट वेशभूषा, श्रृंगार और आभूषणों को दर्शाते हैं। इसके अलावा भैरवन थेय्यम की अनुष्ठानिक कला पर आधारित मूर्तिकला उत्तरी केरल की पारंपरिक नृत्य-कला को प्रदर्शित करती है। केरल की भित्ति परंपरा को राधा, कृष्ण और एक गोपिका की पेंटिंग के जरिए दर्शाया गया है, जिसे गुरुवायुर देवस्वोम के म्यूरल पेंटिंग संस्थान के कलाकारों ने तैयार किया है।

केरल की आध्यात्मिक और सामाजिक विरासत से जुड़ी कई कृतियां भी ई-नीलामी का हिस्सा हैं। इनमें आदि शंकराचार्य का भक्ति चित्र, शिवगिरी मठ स्मारक की नक्काशी वाले लकड़ी के मंदिर की पट्टिका, पोयकायिल श्री कुमार गुरुदेवन का प्रिंट और श्री विद्याधिराज चट्टम्बी स्वामीकल की तस्वीर शामिल हैं। वैकोम सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तैयार स्मारक कलाकृति, पारंपरिक नेट्टीपट्टम, केरल का पीतल वास्तु विलक्कू, भगवान गुरुवायुरप्पन की लकड़ी की मूर्ति और पारंपरिक शंख स्मृति चिन्ह भी संग्रह में शामिल हैं। बेपोर उरु का लघु मॉडल कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई), कालीकट के माध्यम से तैयार किया गया है।

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