कटिहार , अक्टूबर 24 -- ृदा स्वास्थ्य के संरक्षण, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इफको, कटिहार की ओर से जिला कृषि विभाग, कटिहार के सहयोग से पीएम-प्रणाम योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप विकास आयुक्त डॉ. नेहा कुमारी (आईएएस), विशिष्ट अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार तथा अध्यक्ष के रूप में इफको, बिहार के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कृषि विभाग के पदाधिकारियों, प्रखंड कृषि पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों, प्रगतिशील किसानों एवं इफको प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

मुख्य अतिथि डॉ. नेहा कुमारी ने किसानों से संवाद करते हुए आधुनिक एवं स्वदेशी कृषि तकनीकों को अपनाने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अधिकाधिक किसानों तक पहुंचकर पीएम-प्रणाम योजना के उद्देश्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं और इसके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।

जिला कृषि पदाधिकारी श्री राजीव कुमार ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण, उर्वरकों का संतुलित उपयोग और किसानों की आय में वृद्धि सतत कृषि विकास के प्रमुख आधार हैं।उन्होंने किसानों को मृदा जांच एवं फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के प्रयोग, जैव उर्वरकों के उपयोग तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अनावश्यक उपयोग में कमी लाकर मिट्टी की उर्वरता और कृषि उत्पादन के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव ने नैनो उर्वरकों के उपयोग, उनकी उचित प्रयोग विधि तथा अनुशंसित मात्रा के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से इन तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया, जिससे उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम में संतुलित पोषण प्रबंधन, मृदा उर्वरता संरक्षण, वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने किसानों को फसल की आवश्यकता एवं कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा के अनुरूप उर्वरकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

पीएम-प्रणाम योजना का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करना, मृदा एवं पर्यावरण का संरक्षण करना और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के माध्यम से कृषि विभाग, इफको और किसानों के बीच समन्वय मजबूत करते हुए स्वस्थ मिट्टी, संतुलित उर्वरक उपयोग और समृद्ध किसान के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

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