रायपुर , जुलाई 06 -- प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना और महतारी वंदन योजना के समन्वित लाभ से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी सरिता बैगा के परिवार के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया है।
विभाग से आज मिली जानकारी के अनुसार कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने वाला यह परिवार अब सुरक्षित पक्के आवास, नियमित आर्थिक सहायता और सम्मानजनक जीवन का लाभ उठा रहा है।
सरिता बैगा पहले अपने परिवार के साथ खपरैल वाले कच्चे मकान में रहती थीं। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकना, दीवारों में नमी आना और हर साल मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च परिवार के लिए बड़ी परेशानी थी। छोटे बच्चों के साथ बरसात के दिनों में सुरक्षित रहना भी चुनौती बना रहता था।
राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत सरिता बैगा को पक्का आवास स्वीकृत किया गया। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से उन्हें समय पर योजना का लाभ मिला और आज उनका परिवार मजबूत एवं सुरक्षित पक्के मकान में रह रहा है।
नए घर ने परिवार को केवल सुरक्षित आवास ही नहीं दिया, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया है। अब बारिश का मौसम चिंता का कारण नहीं रहा। बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिला है और परिवार बेहतर परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहा है।
सरिता बैगा को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इस राशि से परिवार के दैनिक खर्च, बच्चों की जरूरतों और घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
सरिता बैगा ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका परिवार भी पक्के घर में रहेगा, लेकिन सरकारी योजनाओं के कारण उनका यह सपना पूरा हो सका। उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं से उनके परिवार को सुरक्षित आवास, आर्थिक सहयोग और बेहतर भविष्य का विश्वास मिला है।
ग्रामीण विकास विभाग, जनपद पंचायत गौरेला, ग्राम पंचायत और मैदानी अमले के सहयोग से ग्राम पंडरीपानी में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। प्रशासन का कहना है कि योजनाओं के पारदर्शी और समयबद्ध संचालन से विशेष पिछड़ी जनजातियों सहित पात्र ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
सरिता बैगा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरतमंद परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी देता है।
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