पटना , अगस्त 24 -- राज्यपाल सचिवालय ने सोमवार को बताया कि राज्यपाल सैयद अता हसनैन के साथ अनशन पर बैठे पीएचडी छात्रों की वार्ता के सकारात्मक परिणाम निकले हैं। ऑल पीएचडी. होल्डर्स एण्ड रिसर्च एसोसिएशन के बैनर तले गर्दनीबाग में पिछले 21 दिनों से अनशन कर रहे छात्रों के 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल श्री हसनैन की दो घंटे की वार्ता के उपरान्त अनशनकारी छात्रों ने अपना अनशन वापस लेने का आश्वासन दिया है।

एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ चली वार्ता में जिन बिंदुओं पर सहमति बनी उनमें, एसोसिएशन की मुख्य माँगों पर विचार करके सहायक प्राध्यापक भर्ती परिनियम, 2026 में आवश्यक संशोधन करने के उपरान्त ही किसी भी प्रकार की नियमित अथवा संविदा बहाली करने की बात है।

एसोसिएशन की माँगों को विचार करने के लिए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श के उपरांत एक समिति 15 दिनों के अंदर गठित करने की बार कही, जिसमें बिहार के प्रमुख शिक्षाविद् होंगे एवं ऐसे प्रशासकों को भी रखा जायेगा जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव हो। इस समिति का गठन राज्यपाल करेंगे।

यह समिति मुख्य तौर पर जिन बिन्दुओं पर विचार करेगी, उनमें सहायक प्राध्यापक के लिए अधिकतम उम्र 55 वर्ष रखने,सहायक प्राध्यापक बहाली के लिए वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा आयोजित करने, लिखित परीक्षा में जो उत्तीर्ण होते हैं, उनके समेकित मेरिट लिस्ट बनाने के तरीके शामिल हैं।

इस बातचीत के दौरान एपीआई की गणना के संबंध में भी चर्चा हुई कि अकादमिक प्रदर्शन सूचकांक ( एपीआई) की गणना में मैट्रिक एवं इण्टरमीडिएट के प्राप्तांकों की गणना नहीं की जायेगी। नेट एवं जेआरएफ के अधिमानता को 11 तक रखा जा सकता है परन्तु पीएचडी की अधिमानता 30 से कम नहीं किया जाये।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित