रायपुर , जून 11 -- छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल जल योजनाओं से पानी नहीं मिलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने कोंडागांव और दंतेवाड़ा जिले के कार्यपालन अभियंताओं (ईई) से स्पष्टीकरण मांगा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार उप मुख्यमंत्री अरुण साव के हालिया बस्तर प्रवास के दौरान कोंडागांव जिले के ग्राम बेड़मा तथा दंतेवाड़ा जिले के टेकनार में आयोजित जल अर्पण कार्यक्रम में ग्रामीणों ने नल जल योजनाओं से नियमित जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत की थी। इस पर उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम ने कोंडागांव के कार्यपालन अभियंता वीरेन्द्र पाण्डेय को जारी नोटिस में कहा है कि पांच जून को ग्राम बेड़मा, विकासखंड केशकाल में आयोजित जल अर्पण समारोह के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि योजना के सुचारू रूप से कार्यरत नहीं होने के कारण नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है तथा योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नोटिस में कहा गया है, "ग्रीष्म ऋतु के दौरान नवनिर्मित योजना से जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत को गंभीर मानते हुए कार्यपालन अभियंता को शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने व गुणवत्तापरक कार्य संपादन नहीं होना माना है। कार्यपालन अभियंता की कार्यप्रणाली से तत्समय अप्रिय एवं असहज़ स्थिति निर्मित हुई, जिससे विभाग की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।"इसी प्रकार प्रमुख अभियंता ने दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता एस.पी. मण्डावी को जारी नोटिस में कहा है कि सात जून को ग्राम टेकनार में आयोजित जल अर्पण समारोह के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि योजना के सुचारू रूप से कार्यरत नहीं होने के कारण गांव के एक मोहल्ले के कुछ घरों में जलापूर्ति नहीं हो रही है, जिससे लोगों को योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नोटिस में कहा गया है, "ग्रीष्म ऋतु के दौरान नवनिर्मित योजना से समग्र रूप से तकनीकी रूपांकन अनुसार जलापूर्ति नहीं होना कार्यों के तकनीकी मापदण्ड अनुसार क्रियान्वयन नहीं किया जाना दर्शाता है। कार्यपालन अभियंता की कार्यप्रणाली से तत्समय अप्रिय एवं असहज स्थिति निर्मित हुई, जिससे विभाग की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।"विभाग ने दोनों कार्यपालन अभियंताओं को सात दिनों के भीतर उचित माध्यम से प्रमुख अभियंता कार्यालय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्पष्टीकरण विलंब से प्राप्त होने, प्राप्त नहीं होने अथवा समाधानकारक नहीं पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।
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