पिथौरागढ़ , अक्टूबर 25 -- त्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ में 284.07 करोड़ रुपये की लागत के 67 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 105.30 करोड़ रुपये के 33 कार्यों का लोकार्पण और 178.76 करोड़ रुपये के 34 कार्यों का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने जिले में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और धार्मिक स्थलों से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार के लिए नौ घोषणाएं भी कीं।

श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए काम कर रही है। कार्यक्रम में उद्योग, कृषि, उद्यान, पशुपालन और मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के चेक वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट को उप जिला चिकित्सालय बनाने और अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र मवानी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालय मूनाकोट (रियांसी) को स्वीकृति देने, अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य कराने तथा विभिन्न मोटर मार्गों के सुधारीकरण, डामरीकरण और चौड़ीकरण की घोषणाएं की गईं। ज्याला मंदिर छाना पांडेय में सीसी मार्ग निर्माण और ग्राम चिमुशी में गाड़ देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य भी प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू हो चुका है। इससे जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर भी मिलेंगे।

उन्होंने पिथौरागढ़-बांस-आंवला घाट सड़क और पुल का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पिथौरागढ़ और गंगोलीहाट के बीच आवागमन सुगम होगा और हाट कालिका मंदिर तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी। जिले में सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं और पर्यटकों की रुचि बढ़ रही है। उन्होंने इस वर्ष यात्रियों की संख्या एक लाख से अधिक होने की संभावना जताई। उनके अनुसार, यात्रा से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। होमस्टे और पर्यटन से जुड़े दूसरे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ को हवाई सेवाओं के माध्यम से मुनस्यारी, हल्द्वानी, दिल्ली और देहरादून से जोड़ने की पहल की गई है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू किए गए हैं। सीमांत क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और हवाई संपर्क का विस्तार स्थानीय लोगों के साथ पर्यटन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उनके अनुसार, नकल विरोधी कार्रवाई में 100 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया है और राज्य में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

उन्होंने भू-कानून, समान नागरिक संहिता, महिला सुरक्षा और लखपति दीदी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश की भूमि और पहचान की सुरक्षा के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने ऑपरेशन कालनेमि के तहत फर्जी पहचान के आधार पर लोगों को भ्रमित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही।

अंत में मुख्यमंत्री सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित सीमांत नेत्र चिकित्सालय पहुंचे। यहां उन्होंने ऑप्टिकल बायोमीटर का शुभारंभ किया। इस उपकरण से नेत्र चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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