नैनीताल , मार्च 27 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिता के हत्यारोपी को गुरुवार को बड़ी राहत देते हुए जमानत प्रदान कर दी है।
न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी नाज़िम की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रामनगर थाना क्षेत्र में नाज़िम पर अपने पिता सलीम की डंडों से हमला कर हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडे बरामद करने का दावा किया था और उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत जेल भेज दिया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि नाज़िम को झूठा फंसाया गया है। उनका कहना था कि प्राथमिकी पहले अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुई थी और बाद में आरोपी का नाम जोड़ा गया। साथ ही घटना के समय आरोपी के मुरादाबाद में होने का दावा किया गया और प्रत्यक्ष साक्ष्य के अभाव की बात कही गई।
वहीं सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा कि संपत्ति विवाद के चलते आरोपी ने अपने भाई के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी घटनास्थल पर मौजूदगी भी बताई गई।
हालांकि, अदालत ने पाया कि बरामद डंडों का अपराध से संबंध किसी फॉरेंसिक रिपोर्ट से अभी तक स्थापित नहीं हुआ है। केवल मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि कथित मकसद की पुष्टि ट्रायल के दौरान ही संभव है।
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