जयपुर , अप्रैल 14 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार को पिछड़े, वंचित एवं अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का उजियारा पहुंचाने एवं जीवन स्तर सुधारने के लिए प्रतिबद्ध बताया है और कहा है कि उनकी डबल इंजन सरकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सामाजिक न्याय के आदर्शों पर चलतेहुए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र पर काम कर रही है।

श्री शर्मा ने मंगलवार को जयपुर में डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बाबा साहेब के सपनों को पूरा करते हुए समाज के सभी वर्गों को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त एवं सक्षम करने का कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें बाबा साहेब के सिद्धांतों और आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र विकास में योगदान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की शिक्षा और दृष्टिकोण हमारी डबल इंजन सरकार की कार्यप्रणाली की बुनियाद है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, पीएम आवास योजना एवं आयुष्मान भारत जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ हमारे पिछड़े और वंचित वर्गों कोमिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने पेंशन एवं पालनहार योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से एक हजार 363 करोड़ रुपये का राशि हस्तांतरित की। उन्होंने 10 छात्रावास भवनों का लोकार्पण, 17 भवनों का शिलान्यास करने के साथ ही जामडोली स्थित स्वयंसिद्धा परिसर में लाइब्रेरी का वर्चुअल उद्घाटन किया। साथ ही, एआई आधारित 'हैल्प डेस्क समाधान साथी' का शुभारंभ भी किया।

उन्होंने विशेष योग्यजनों को सहायक उपकरण एवं कन्यादान योजना के लाभार्थियों को राशि का वितरण किया। समारोह में मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों में 200 अंबेडकर ई-लाइब्रेरी स्थापित करने एवं अंबेडकर पीठ, मूंडला, जयपुर में अंबेडकर आवासीय कोचिंग केन्द्र की स्थापना की घोषणा भी की।

श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार में अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार के प्रकरणों में 28 प्रतिशत से अधिक की कमी आयी है, वहीं शिक्षा के लिए अनुसूचित जाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 292 करोड़ रुपये व्यय कर तीन लाख 75 हजार विद्यार्थियों को सहायता प्रदान की गयी है। अनुसूचित जनजाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 534 करोड़ खर्च कर तीन लाख 21 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। इसी प्रकार अति पिछड़ा वर्ग उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत एक लाख 62 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित-आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना में ढाई हजार से अधिक लाभार्थियों को ऋण वितरित कर लाभान्वित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की संवेदनशील सरकार ने अंत्योदय की भावना के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में मिसाल कायम की है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में हमारा राज्य देश भर में अग्रणी हैं। पीएम-जनमन योजना के तहत बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में हम पूरे देश में अव्वल हैं। हमने सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि को बढ़ाकर एक हजार 450 रुपये कर दिया है। हमारी सरकार में पारदर्शिता के कारण सभी भर्ती परीक्षाएं समय से आयोजित हो रही हैं और इससे बड़ी संख्या में आरक्षित वर्ग के युवाओं को लाभ भी मिल रहा है।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व मेंराज्य सरकार वंचित, पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विजन को साकार कर रही है। सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाएं आज पिछड़े वर्ग के उत्थान और सर्वांगीण विकास का आधार बन रही है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन यात्रा पर आधारित दुर्लभचित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही, विशेष योग्यजनों को सहायक उपकरणों का भी वितरण किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा, ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर, वन राज्यमंत्री संजय शर्मा, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, बालमुकुन्दाचार्य, डॉ. कैलाश वर्मा, महेन्द्रपाल मीना एवं रामसहाय वर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।

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