हुगली , अप्रैल 27 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के धानेखाली विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आरोप लगाया कि जो बंगाल कभी कला, साहित्य और औद्योगिक समृद्धि के लिए जाना जाता था, उसे पिछले 15 वर्षों के इस पार्टी के शासन ने बदहाली और कंगाली की ओर धकेल दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में "जय श्रीराम" और "हर-हर महादेव" का नारा लगाने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नाराज हो जाती हैं, क्योंकि उन्हें अपनी सत्ता हिलती हुई दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार एक साजिश के तहत बंगाल की आबादी के स्वरूप को बदलने की कोशिश कर रही है, जबकि स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसी महान विभूतियों की यह धरा आज कुशासन से मुक्ति के लिए सड़कों पर उतर आई है।

श्री आदित्यनाथ ने कहा कि अगर बंगाल में भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार होती, तो तारकेश्वर के बाबा तारकनाथ मंदिर में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर भव्य कॉरिडोर बनता। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया जाता है, जबकि सड़कों पर नमाज और इफ्तार की दावतें आयोजित की जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा की सरकार आने पर "जय श्रीराम" बोलने पर प्रतिबंध नहीं होगा, लेकिन सड़कों पर इफ्तारी की दावतें जरूर बंद हो जाएंगी।

उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले वहां भी ऐसी ही स्थिति थी, लेकिन आज वहां दंगे, कर्फ्यू और गुंडागर्दी समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा, "अगर कोई गोमाता की हत्या करेगा या किसी गरीब की संपत्ति पर कब्जा करेगा, तो यूपी का बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली एक कर देगा।" उन्होंने दावा किया कि चार मई को चुनाव परिणाम आने के बाद टीएमसी के गुंडे सड़कों पर पंक्चर बनाते हुए नजर आएंगे।

मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी पर अनुसूचित जाति और जनजाति विरोधी होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब जनजातीय समाज से आने वाली देश की राष्ट्रपति बंगाल आती हैं, तो ममता दीदी प्रोटोकॉल का पालन नहीं करतीं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे डरे नहीं और एकजुट होकर भ्रष्टाचार, घूसखोरी और गुंडागर्दी करने वालों को मतदान के जरिए करारा जवाब दें।

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