कुशीनगर , सितम्बर 21 -- कुशीनगर में पासपोर्ट बनवाने वाले आवेदकों को सत्यापन के नाम पर अब थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, और पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचकर पते की जांच करेंगे।

पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया को और सुविधाजनक बनाने के लिए एसपी ने यह पहल की है। इस व्यवस्था में महिलाओं, नौकरीपेशा लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले आवेदकों को अनावश्यक भागदौड़ से छुटकारा मिलेगा। थानेदारों को निर्देश दिया है कि पुलिसकर्मी आवेदक के दिए गए पते पर पहुंचकर उनके निवास, पहचान और उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन करेंगे। जरूरत के अनुसार आसपास के लोगों से भी आवेदक के संबंध में जानकारी लेंगे।

सत्यापन के दौरान किसी तरह की जानकारी अधूरी मिलती है या अतिरिक्त अभिलेख की आवश्यकता होती है तो थाना खुद आवेदक से संपर्क करे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट संबंधित स्तर पर भेजी जाएगी। इससे बुजुर्ग, महिलाओं, नौकरीपेशा लोगों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले आवेदकों को सत्यापन के लिए असुविधा नहीं उठानी पड़ेगी, और सत्यापन का कार्य भी सहूलयित से हो जाएगा। उन्होंने कहा है कि अगर कोई जानकारी संदिग्ध प्रतीत होती है, तभी संबंधित को थाने बुलाएं, अन्यथा नहीं।

पासपोर्ट के लिए जिले में हर दिन 30 से 50 के बीच लोग आवेदन कर रहे। प्राप्त आवेदन में दी गई जानकारी की पुष्टि के लिए पासपोर्ट कार्यालय की ओर से एक प्रति संबंधित थाने को भेजी जाती है। थाने की पुलिस संबंधित के पते आदि की जांच कर रिपोर्ट सहित प्रति पासपोर्ट कार्यालय को वापस भेज देती है।

पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि पासपोर्ट आवेदकों को अनावश्यक रूप से थाने जाने की आवश्यकता नहीं है। सत्यापन के दौरान किसी तरह की जानकारी अधूरी मिलती है या अतिरिक्त अभिलेख की आवश्यकता होती है तो थाना खुद आवेदक से संपर्क करेगा। जानकारी संदिग्ध पाए जाने पर आवेदक को थाने बुलाया जाएगा। यदि कोई पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति सत्यापन के नाम पर पैसे मांगता है तो इसकी तत्काल सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दें।

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