चंडीगढ़ , जुलाई 21 -- शिरोमणि अकाली दल पुनः-सुरजीत ने वरिष्ठ नेता इकबाल सिंह झूंदा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में संगठन की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।
पार्टी के महासचिव गुरप्रताप सिंह वडाला ने मंगलवार को यहां जारी बयान में बताया कि अनुशासन समिति की सिफारिश पर यह कार्रवाई की गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इकबाल सिंह झूंदा ने पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करते हुए पहले भी अपनी ओर से दो बैठकें आयोजित की थीं, जिनमें संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गुमराह करने तथा पार्टी में विभाजन पैदा करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में झूंदा ने एक प्रेस वार्ता कर अन्य दलों के साथ मिलकर काम करने की घोषणा की, जबकि विभिन्न पंथक संगठनों के साथ एकता के प्रयासों के लिए पार्टी पहले ही एक समन्वय समिति का गठन कर चुकी है और यह समिति अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रही है।
गुरप्रताप सिंह वडाला ने कहा कि समन्वय समिति से बिना किसी सलाह-मशवरे के एकतरफा ढंग से एकता की घोषणा करना न केवल पार्टी अनुशासन का उल्लंघन है, बल्कि संगठन द्वारा पंथक एकता के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी नुकसान पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि इन घटनाक्रमों का संज्ञान लेते हुए पार्टी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल की अध्यक्षता में अनुशासन समिति की वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें इकबाल सिंह झूंदा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गयी। वडाला ने कहा कि अनुशासन समिति की सिफारिश स्वीकार करते हुए इकबाल सिंह झूंदा को संगठन की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
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