बेंगलुरु , मई 21 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सत्तारुढ़ दल में नेतृत्व को लेकर नये सिरे से जारी चर्चाओं के बीच गुरुवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के लिए किये गये काम के लिए 'कभी मजदूरी नहीं मांगी' है।

श्री शिवकुमार ने इसके साथ ही मुख्यमंत्री पद से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर वरिष्ठ विधायक के.एन. राजन्ना पर तीखा हमला बोला।

य ह बयान श्री राजन्ना के उस कथित बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ( के अध्यक्ष के रूप में लंबे कार्यकाल को देखते हुए गृह मंत्री जी. परमेश्वर, श्री शिवकुमार से पहले मुख्यमंत्री बनने के हकदार हैं। श्री राजन्ना ने यह भी कहा था कि यदि श्री परमेश्वर 2013 में विधानसभा चुनाव नहीं हारते, तो वह मुख्यमंत्री बन सकते थे। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये श्री शिवकुमार ने सवाल उठाया कि क्या श्री राजन्ना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया अपने पद से इस्तीफा दे दें।

श्री शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, "क्या मैंने कभी कहा है कि मुख्यमंत्री बदला जाना चाहिये? मैंने कभी किसी से मजदूरी नहीं मांगी है।" उन्होंने उन सुझावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि वे 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस को सत्ता में लाने में अपनी भूमिका के लिए राजनीतिक इनाम की मांग कर रहे थे। श्री राजन्ना पर तंज कसते हुए श्री शिवकुमार ने टिप्पणी की कि उन्हें "आज ही पता चला" है कि उक्त विधायक पार्टी के "उच्च कमान" हैं।

उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब भी कांग्रेस नेतृत्व उन्हों बुलायेगा, वह नयी दिल्ली जायेंगे। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी उच्च कमान कर्नाटक में नेतृत्व के मुद्दों से जुड़ी अनिश्चितता को दूर करने के लिए जल्द ही हस्तक्षेप कर सकता है। पार्टी के राजनीतिक हलकों से संकेत मिले हैं कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस महीने के अंत तक कर्नाटक के नेतृत्व और कैबिनेट मामलों पर चर्चा कर सकता है। इस स्थिति में श्री सिद्दारमैया और श्री शिवकुमार दोनों को दिल्ली बुलाये जाने की संभावना है।

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