कोलकाता , अगस्त 04 -- पश्चिम बंगाल की नगर विकास एवं नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मंगलवार को कहा कि किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता या पदाधिकारी को फंसाने के लिए जबरन वसूली के झूठे आरोप लगाए जा सकते हैं।
श्रीमती पॉल ने कोलकाता के हावड़ा और बेहला समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों से जबरन वसूली की रिपोर्टों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सिर्फ किसी का नाम लेने से ही वह दोषी साबित नहीं हो जाता और आरोपों के साथ सबूत भी होने चाहिए। उन्होंने कहा, "कोई भी किसी पर जबरन वसूली के पैसे मांगने का आरोप लगा सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि आरोप सच है।"श्रीमती पॉल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक शर्बरी मुखोपाध्याय से जुड़े हालिया विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि विधायक द्वारा एक महिला की कपड़ों की दुकान पर जबरन कब्जा करने के आरोपों ने काफी ध्यान खींचा है लेकिन उन्होंने कहा कि सिर्फ आरोप गलत काम का सबूत नहीं हैं। विधायक ने आरोप से इनकार किया है और दावा किया है कि शिकायतकर्ता अवैध रूप से उस जगह पर कब्जा किए हुए थी ।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित