कोलकाता , मई 18 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यहां पार्क सर्कस इलाके में भड़की हिंसा के बाद सख्त कदम उठाते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शने के निर्देश दिए हैं।
इस सिलसिले में रविवार को पार्क सर्कस सेवन-पॉइंट क्रॉसिंग पर नमाज पढ़ने पर लगी रोक और बेदखली तथा तोड़-फोड़ की कार्रवाई में बुलडोजर के इस्तेमाल को लेकर प्रदर्शनकारियों के एक समूह और पुलिस के बीच हिंसक झड़प के बाद एक महिला समेत 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
श्री अधिकारी ने महानगर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक पार्क सर्कस में कल हुई झड़प और पथराव में घायल हुए कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों से बातचीत करने के बाद कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद से कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने मौजूदा राज्य सरकार पुलिस या केंद्रीय बल के सदस्यों पर उनके काम के दौरान किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं करने की बात कही।
उन्होंने कहा, "हम पुलिस को पिटने नहीं देंगे। हमारी मौजूदा सरकार ऐसा नहीं होने देगी। गृह मंत्रालय मेरे पास है और हम जल्द ही अध्यादेश लाएंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध-प्रदर्शन करने वालों का स्वागत है लेकिन विरोध-प्रदर्शन के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, "लोकतांत्रिक आंदोलन का हमेशा स्वागत है। हम गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे।"गौरतलब है कि कल पार्क सर्कस में सात-पॉइंट क्रॉसिंग पर सुरक्षा बलों और विरोध-प्रदर्शन करने वालों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। विरोध-प्रदर्शन करने वाले दोपहर करीब 1:30 बजे पार्क सर्कस में इकट्ठा होने लगे, जो अधिकतर मुस्लिम इलाका है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद क्रॉसिंग से कुछ ही मिनट की दूरी पर तिलजला में दो इमारतों पर की गई तोड़-फोड़ की कार्रवाई का विरोध करने के लिए वहां इकट्ठा होना शुरू किया। इस महीने की शुरुआत में एक इमारत में बनी फैक्ट्री में आग लग गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। फैक्ट्री मालिकों के इसे चलाने के लिए कोई पेपरवर्क या लाइसेंस न दिखा पाने के बाद राज्य सरकार ने फैक्ट्री गिराने का आदेश दिया।
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