भरतपुर , जनवरी 11 -- राजस्थान में सवाईमाधोपुर में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा मंडी रोड आवासन मंडल की ओर से रविवार को 'टूटते रिश्ते बिखरते परिवार कारण और निवारण' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में जैन सन्त आचार्यश्री महाश्रमण के विद्वान सुशिष्य मुनि अर्हत कुमार ने कहा कि पारिवारिक तनाव वर्तमान में जटिलतम समस्या बनकर उभर रही है।

मुनि अर्हत कुमार ने कहा कि टूटते रिश्ते, बढ़ती आत्महत्याएं, पारिवारिक अलगाव से हर कोई परेशान है। आपसी समझ की कमी, भौतिकवादी जीवन शैली, निजी स्वार्थ, बढ़ती अपेक्षाएं, मोबाइल क्रांति, जीवन मूल्यों में बदलाव, आपसी विश्वास की टूटन, मानसिक अस्वस्थता जैसे कारणों से परिवार बिखर रहे है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक बिखराव को रोकने के लिए खुली और ईमानदार बातचीत के साथ ही भावनात्मक बुद्धि को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही परिवार को अधिक समय देने, क्षमा और करुणा जैसे मूल्यों को जीवन में स्थान देने, स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करने, अतीत से सीखने, पारंपरिक मूल्यों को समझने और साधु साध्वियों से निरंतर संपर्क बढ़ाने जैसे निवारक कारणों की उन्होंने विस्तृत जानकारी भी दी।

इस अवसर पर मुनि जयदीप कुमार, मुनि भरत कुमार ने दंपतियों के मध्य बढ़ते विवादों को रेखांकित करते हुए नकारात्मक चिंतन से दूर रहकर सकारात्मक चिंतन को जीवन में स्थान देने की महत्वपूर्ण प्रेरणा दी।

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