कानपुर , अप्रैल 22 -- कानपुर जिले में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' घटक में खेत तालाब योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 14 खेत तालाबों का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसमें 10 सामान्य वर्ग तथा 4 अनुसूचित जाति के किसानों के लिए निर्धारित हैं। अधिकृत सूत्रों ने बुधवार को बताया कि योजना के तहत 22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा और तीन मीटर गहरा लघु खेत तालाब बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 1.05 लाख रुपये तय की गई है। इस पर किसानों को 50 प्रतिशत यानी 52,500 रुपये का अनुदान दो किस्तों में प्रदान किया जाएगा। पहली किस्त तालाब की खुदाई पूर्ण होने पर तथा दूसरी किस्त इनलेट एवं डिस्प्ले बोर्ड निर्माण के बाद सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

उन्होने बताया कि योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली जैसे ड्रिप या स्प्रिंकलर लगवाना अनिवार्य किया गया है, जिस पर 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त पंपसेट स्थापना पर भी 50 प्रतिशत, अधिकतम 15 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार इच्छुक किसान कृषि विभाग की वेबसाइट https://agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर होगी। आवेदन करते समय 1000 रुपये की टोकन धनराशि जमा करनी होगी तथा आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। बुकिंग के 15 दिन के भीतर स्थलीय सत्यापन तथा 30 दिन के भीतर तालाब निर्माण पूरा करना अनिवार्य है।

भूमि संरक्षण अधिकारी आर.पी. कुशवाहा ने बताया कि खेत तालाब के माध्यम से वर्षा जल का संचयन कर भूगर्भ जल स्तर में सुधार किया जा सकता है। इसके साथ ही किसान मत्स्य पालन, सिंघाड़ा एवं मखाना जैसी जलीय खेती अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में सहायक सिद्ध होगी।

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