भरतपुर , अगस्त 13 -- राजस्थान में भरतपुर में पानी के अभाव में अपने अस्तित्व के संकट के दौर से गुजर रहे विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में अजान बांध से छोड़े गये पानी से एक बार फिर जीवन की रौनक लौटती नजर आ रही है। बांध से डाकन मोरी के जरिये केवलादेव में पानी पहुंचने के बाद उद्यान की झीलें पुनः लबालब होने से देश-विदेश से आने वाले प्रवासी एवं स्थानीय पक्षियों का मधुर कलरव पूरे क्षेत्र में गुंजायमान हो रहा है।

उद्यान सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अजान बांध के अतिरिक्त जल को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की झीलों तक पहुंचाया जा रहा है। उद्यान में झीलों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से जलीय वनस्पतियों का विकास के साथ पक्षियों को घोंसले बनाने, अंडे देने और बच्चों के सुरक्षित पालन-पोषण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा।

उल्लेखनीय है कि जल की कमी के कारण केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा था और पक्षी उद्यान से लगातार पलायन कर रहे थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित