देहरादून , मई 12 -- उत्तराखंड के देहरादून में वर्षवार नर्सिंग भर्ती की मांग पूरी कराने के लिए परेड ग्राउंड के समीप स्थित टंकी पर सोमवार तड़के लगभग पांच बजे से चढ़े नर्सिंग एकता मंच के सदस्य मंगलवार समाचार लिखने तक डटे हैं। जबकि 35 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है।
स्वास्थ्य मंत्री से कई बार उनके प्रतिनिधिमंडल की बैठक होने के बावजूद प्रदर्शनकारी तत्काल शासनादेश जारी करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस बीच उन्हें नीचे उतारने के सभी प्रशासनिक प्रयास निष्फल साबित हुए हैं। उनके साथ महिला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी टंकी पर चढ़ी हुई हैं।
नर्सिंग अभ्यर्थियों की वर्षों से लंबित मांगों और लगातार हो रही अनदेखी के विरोध में जारी आंदोलन आज 159वें दिन में प्रवेश कर गया। जबकि आमरण अनशन का आज 23वां दिन है। इस दौरान, अनशन के कारण अनेक प्रदर्शनकारी अस्पताल भेजे जा चुके हैं। नर्सिंग बेरोजगार सोमवार सुबह पांच बजे मांग पूरी करवाने के लिए परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकती तब तक पांच लोग ऊपर चढ़ चुके थे। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के साथ दिन भर चली कई दौर की वार्ता भी विफल रही। वे मांगों का शासनादेश जारी करने की जिद पर लगातार अड़े हुए हैं। धरना स्थल पर पहुंच कर कांग्रेस और स्वाभिमान मोर्चा के संयोजक बॉबी पंवार ने भी उन्हें समर्थन दिया है।
पानी की टंकी पर चढ़े पांच लोगों में शामिल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती रौतेला की ओर से आज जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि नर्सिंग अभ्यर्थी पिछले 159 दिन से वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के हजारों प्रशिक्षित नर्सिंग अभ्यर्थी बेरोजगारी और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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