पंचकूला , जुलाई 31 -- हरियाणा राज्य महिला आयोग ने पानीपत में एक मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और लंबे समय तक प्रताड़ना के मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस को आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करने को भी कहा है।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ऊषा प्रियदर्शिनी ने कहा कि सामने आए आरोप अत्यंत गंभीर और मानवता को झकझोरने वाले हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शुक्रवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक मासूम बच्ची के साथ करीब छह माह तक कथित रूप से अमानवीय अत्याचार किए गए। आरोप है कि उसकी सौतेली मां ने अपने नाबालिग बेटे से बच्ची के साथ दुष्कर्म कराया। यह भी आरोप है कि बच्ची को कई बार निर्वस्त्र कर कमरे में बंद रखा गया तथा उसके साथ लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने पानीपत पुलिस को आरोपी महिला और उसके बेटे के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार करने तथा मामले की हर पहलू से गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे जघन्य अपराधों में आरोपियों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
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