नयी दिल्ली , जून 09 -- केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर मंत्रालय की प्रमुख नदी जोड़ो परियोजनाओं तथा सरकार की विभिन्न जल संरक्षण पहलों की प्रगति से अवगत कराया।
उपराष्ट्रपति भवन में हुई इस बैठक में श्री पाटिल के अलावा जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी तथा जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति को मंत्रालय की विभिन्न परियोजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उपराष्ट्रपति को 'जल संचय जन भागीदारी' (जेएसजेबी) अभियान की उपलब्धियों से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि जेएसजेबी 2.0 के तहत देशभर में 1.55 करोड़ से अधिक जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण संरचनाओं की सूचना दर्ज की गई है, जो निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक है।
इस अवसर पर श्री राधाकृष्णन को केन-बेतवा लिंक परियोजना, पार्वती- कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना तथा गोदावरी- कावेरी लिंक परियोजना सहित प्रमुख नदी जोड़ो परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी भी दी गई। श्री राधाकृष्णन ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नदियों का परस्पर संपर्क जल संकट और सूखे की समस्या कम करने, सिंचाई क्षमता बढ़ाने तथा संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
श्री राधाकृष्णन ने सुझाव दिया कि केन-बेतवा जैसी राष्ट्रीय महत्व की जल अवसंरचना परियोजनाओं का दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां इन राष्ट्रनिर्माण प्रयासों को समझ सकें और उन पर गर्व कर सकें।
उन्होंने नदी जोड़ो अभियानों के समर्थन में अपनी पूर्व पदयात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में धन की कमी सबसे बड़ी चुनौती नहीं है, बल्कि मानसिकता और राजनीतिक दृष्टिकोण से जुड़ी बाधाएं अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जल प्रबंधन के क्षेत्र में दूरदर्शी और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और राज्य मंत्री ने उपराष्ट्रपति को सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक-2026 में भाग लेने का भी आमंत्रण दिया।
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