नयी दिल्ली , सितंबर 10 -- केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने गुरुवार को जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिसमें संचालित परियोजनाओं, कार्यक्रमों, योजनाओं और पहलों की समग्र प्रगति का जायजा लिया गया।

श्री पाटिल ने परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनकी प्रगति में बाधा बन रहे मुद्दों की पहचान कर उनका शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने से लागत में अनावश्यक वृद्धि को रोकने के साथ-साथ जनता को निर्धारित समय पर उनका लाभ उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से संबंधित मौजूदा दिशा-निर्देशों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उनमें आवश्यक सुधार और सरलीकरण पर भी जोर दिया।

उन्होंने जल संसाधन क्षेत्र में नवीनतम तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने हाइड्रोलॉजिकल आधुनिकीकरण, डीपीआर तैयार करने, बाढ़ पूर्वानुमान और भूजल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। साथ ही केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताते हुए लंबित मुद्दों के समाधान और परियोजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए राज्यों के साथ करीबी सहयोग का आह्वान किया।

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