श्रीगंगानगर , अक्टूबर 13 -- राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की ओर से भेजे गये विस्फोटक और हथियार बरामद करके एक गंभीर साजिश को नाकाम कर दिया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए तीन पैकेट गिराए गए, जिनमें भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ और अवैध हथियार थे। यह श्रीगंगानगर जिले का पहला ऐसा मामला बताया जा रहा है, जिसमें सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से केवल नशीले पदार्थ नहीं, बल्कि विस्फोटक और हथियार एक साथ गिराए गए हों।

सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) को सूचना मिली कि ग्राम पंचायत 12 केएनडी के गांव चक 4 केएनएम डब्ल्यू टेल के पास नहर किनारे एक खेत में पाकिस्तानी ड्रोन ने तीन पैकेट गिराए गये हैं। शुरुआती अनुमान नशीले पदार्थ का था।

इसकी जानकारी मिलते ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), एएनटीएफ और रावला पुलिस का संयुक्त दल मौके पर पहुंचा। बीएसएफ जवान ड्रोन की आवाज सुनकर तुरंत प्रतिक्रिया में मौके पर पहुंचे, जहां दो युवक पैकेट खोल रहे थे। उन्हें देखकर वे सामान लेकर गांव की ओर भागे। करीब 350 मीटर आगे बढ़ने पर उन्होंने भरी हुई पिस्तौल निकालने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उन्हें काबू कर लिया।

मौके से तीन पैकेट बरामद हुए। दो पैकेटों में हथियार और तीसरे में विस्फोटक पदार्थ मिला। बरामद सामग्री में सात किलोग्राम से अधिक विस्फोटक पदार्थ शामिल है, जिसकी शुरुआती रिपोर्ट में आरडीएक्स होने की आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद ही हो पाएगी।

इसके साथ दो जिगाना पिस्तौलें भी मिलीं, जिन पर "मेड इन टर्की" लिखा हुआ है, चार मैगजीन, करीब 650 कारतूस, चार जोड़ी बैटरियां और दो रिमोट कंट्रोल भी बरामद हुए हैं। जानकारों का मानना है कि इतनी मात्रा में विस्फोटक अगर इस्तेमाल होता तो बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता था।

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पंजाब के हैं। इनमें लखविंदर सिंह (19 )निवासी फिरोजपुर और सुखविंद्रसिंह (19) निवासी जालंधर शामिल हैं। दोनों युवा मजदूरी के बहाने पिछले कुछ दिनों से रावला थाना क्षेत्र में आए थे और यहां रेकी कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार एएनटीएफ का स्थानीय दल उन पर पहले से नजर रखे हुए था। पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने किसके कहने पर माल प्राप्त किया और खेप कहां पहुंचानी थी।

एएनटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि ड्रोन की मदद से राजस्थान में भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक गिराए गए हैं। सामग्री भेजने वाले कौन हैं और उनका उद्देश्य क्या था, इसकी गहन जांच चल रही है। अब तक दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और आगे और खुलासे होने की संभावना है। सीमा से सटे खेतों, नहर किनारे और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

उन्होंने बताया कि मामले की जांच एएनटीएफ, बीएसएफ, स्थानीय पुलिस, गुप्तचर विभाग और आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के अधिकारी मिलकर कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के शामिल होने की संभावना भी है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हथियार और विस्फोटक कहां इस्तेमाल होने थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित