इस्लामाबाद , अगस्त 02 -- पाकिस्तान में 26 जून से मॉनसून से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 126 हो गई है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने यह जानकारी दी हे। अधिकारियों ने चार अगस्त तक भारी बारिश के एक और दौर की चेतावनी दी है, जिससे देश के बड़े हिस्सों में अचानक बाढ़ और शहरी इलाकों में बाढ़ आ सकती है।

प्राधिकरण के अनुसार सिंध प्रांत के थारपारकर ज़िले में मारे गए तीन लोग और रावलपिंडी में बारिश से जुड़ी घटना में जान गंवाने वाला एक व्यक्ति शामिल है।

एनडीएमए की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार इसी दौरान सिंध, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में 16 अन्य लोग घायल हुए। इस साल मॉनसून का सबसे ज़्यादा असर पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा पर पड़ा है, जहाँ जून के आखिर में बारिश शुरू होने के बाद से क्रमशः 47 और 55 लोगों की मौत हुई है।

प्राधिकरण ने इस मौसम की स्थिति के लिए भारत के दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव वाली प्रणाली और तेज़ मॉनसून हवाओं को ज़िम्मेदार ठहराया है।

प्राधिकरण ने अपने ताज़ा बाढ़ बुलेटिन में कहा, " चार अगस्त तक पंजाब, मध्य और पूर्वी सिंध और पूर्वी बलूचिस्तान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।"एजेंसी ने डेरा गाज़ी खान के पहाड़ी नालों और खैबर पख्तूनख्वा और उत्तरी बलूचिस्तान की नदियों/नालों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी दी है। पंजाब के कई शहरों रावलपिंडी, लाहौर, गुजरांवाला, फैसलाबाद, सियालकोट, सरगोधा, झेलम, मंडी बहाउद्दीन, नारोवाल, साहीवाल और ओकारा में भी शहरी बाढ़ की संभावना व्यक्त की गई है।

सिंध में अधिकारियों ने हैदराबाद, बदीन, जामशोरो, खैरपुर, मटियारी, मीरपुरखास, संघार, थट्टा, उमरकोट, थारपारकर और टंडो मुहम्मद खान में बाढ़ और जलभराव की चेतावनी दी है।

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