चेन्नई , अप्रैल 02 -- भारत और फ्रांस के बीच शैक्षणिक एवं अनुंसंधान सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से पांडिचेरी विश्वविद्यालय और फ्रांसिसी शोध संस्था इकोले फ्रांसे डी'एक्सट्रीम-ओरिएंट (ईएफईओ) ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि बुधवार को हस्ताक्षरित यह समझौता पांच साल का एक ढांचा स्थापित करता है जिसका उद्देश्य निरंतर संस्थागत सहयोग के माध्यम से दक्षिण एशियाई और भारतीय सभ्यताओं के अध्ययन को आगे बढ़ाना है।
इस अवसर पर, पांडिचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पी. प्रकाश बाबू ने पारंपरिक शिक्षण स्थानों से परे शिक्षा के विस्तार के महत्व पर जोर दिया और कहा कि छात्रों को कक्षाओं की चार दीवारों के भीतर सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र-आधारित शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अनुसंधान जुड़ाव के माध्यम से छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करने की आवश्यकता का उल्लेख किया।
कुलपति ने कहा कि इस तरह की साझेदारी संस्थागत क्षमता को मजबूत करने और वैश्विक शैक्षणिक संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ईएफईओ पांडिचेरी केंद्र के प्रमुख प्रोफेसर डोमिनिक गुडाल ने दोनों संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला और इतिहास, पुरातत्व तथा सांस्कृतिक अध्ययन जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
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