मुंबई , मार्च 17 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि अगले पांच वर्षों तक राज्य में बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी, जिससे उद्योगों और सामान्य उपभोक्ताओं दोनों को बड़ी राहत मिलेगी।
महाराष्ट्र विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास के कारण बिजली की मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें औद्योगिक बिजली की खपत में लगभग 23 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी गई है। इस उछाल के बावजूद, अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में बिजली की दरें अपेक्षाकृत प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं।
भविष्य की योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली उत्पादन और आपूर्ति के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। बढ़ते 'डाटा सेंटर' क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके तहत आगामी परियोजनाओं के लिए लगभग 4,500 मेगावाट बिजली प्रदान करने की योजना है, ताकि डिजिटल और सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे को निरंतर सहायता मिल सके।
श्री फडणवीस ने यह भी उल्लेख किया कि महाराष्ट्र भारत में एक प्रमुख 'डाटा सेंटर' केंद्र के रूप में उभर रहा है, जिससे इस क्षेत्र के विस्तार के लिए स्थिर और निरंतर बिजली आपूर्ति महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने आगे बताया कि महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे वह देश की सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनियों में से एक बन गई है।
मुख्यमंत्री ने एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा में कहा कि उपभोक्ताओं को अब सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली के उपयोग पर 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी, क्योंकि दिन के दौरान बिजली की उपलब्धता में काफी सुधार हुआ है।
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