श्रीगंगानगर , जुलाई 08 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र की नरसिंहपुरा बारानी ग्राम पंचायत में प्रस्तावित ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र स्थल का जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा दौरा करने के बाद बुधवार को ग्रामीणों ने पांच सरकारी विद्यालयों के मुख्य द्वारों पर ताले लगा दिये।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीणों का आरोप है कि संयंत्र लगने का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इससे पहले प्रशासनिक अधिकारी संयंत्र का निर्माण शुरू करवा देना चाहते हैं, ताकि उच्च न्यायालय में रिपोर्ट दी जा सके कि काम शुरू हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार तीन महीनों से लगातार विरोध और धरने के कारण अब तक संयंत्र का निर्माण शुरू नहीं हुआ है, जबकि प्रशासन ने यहां पर संयंत्र लगाने के लिए जगह निर्धारित कर दी है।

इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गौरक्षा दल नरसिंहपुरा बारानी के संयोजक मैसी चौधरी ने बताया कि प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इसी कारण आज नरसिंहपुरा माझूंवास पंचायत के पांच सरकारी विद्यालयों के मुख्य द्वारों पर ग्रामीणों ने ताले लगा दिये। इससे न तो विद्यार्थी और न ही स्टाफ कर्मी स्कूल में जा सके। स्टाफ को वापस भेज दिया गया। नरसिंहपुर माझूवास ग्राम पंचायत में करीब 10 हजार की आबादी है। इस पंचायत में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कुल पांच सरकारी विद्यालय हैं। इनमें से किसी भी विद्यालय में अध्ययन कार्य नहीं हुआ। सभी विद्यालयों के मुख्य द्वारों पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

उधर, सरकारी विद्यालयों में ताले लगने की जानकारी मिलने पर तहसीलदार, उपखंड अधिकारी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर नरसिंहपुरा पहुंचे। संयोजक मैसी चौधरी के मुताबिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर फिर से चेतावनी दी गयी है कि गांव के नजदीक यह संयंत्र किसी भी हालत में नहीं लगने दिया जाएगा। अगर प्रशासन ने अपनी जिद नहीं छोड़ी तो आंदोलन और तेज कर दिया जाएगा।

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