ग्वालियर , अक्टूबर 27 -- ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में साइबर ठगों ने पांच लोगों को निशाना बनाकर उनके बैंक खातों से करीब 4.03 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपियों ने ऑनलाइन सामान के रिफंड का झांसा देने, वीडियो कॉल करने और क्यूआर कोड व संदिग्ध फाइल के जरिए ठगी की। एक मामले में फोन-पे के माध्यम से पांच अनधिकृत लेनदेन कर 73 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ितों की शिकायतों पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के गोविंदपुरी निवासी रविशंकर गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बिग बास्केट से सामान मंगवाया था, जिसके भुगतान में 663 रुपये लंबित रह गए थे। रिफंड की जानकारी के लिए उन्होंने गूगल पर मिले टोल फ्री नंबर पर कॉल किया। वहां से उन्हें दूसरे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा गया। इसके बाद वीडियो कॉल कर उनसे एक फाइल डाउनलोड करने और क्यूआर कोड के जरिए दो रुपये का भुगतान करने को कहा गया। अगले दिन बैंक खाते में रकम कम होने का संदेश मिला। उनके अनुसार, खाते से अलग-अलग लेनदेन में कुल 99 हजार रुपये निकाल लिए गए।

इसी थाना क्षेत्र के गोविंदपुरी निवासी 68 वर्षीय अमर सिंह शेखावत ने ब्लिंकिट से मंगवाए गए सामान के संबंध में शिकायत की थी। उनके वाट्सऐप पर एक अज्ञात व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर खुद को कंपनी का कर्मचारी बताया और रिफंड की प्रक्रिया समझाने लगा। मोबाइल हैंग होने के बाद आरोपी ने दूसरे मोबाइल का वाट्सऐप नंबर मांगा और क्यूआर कोड भेजकर भुगतान करने को कहा। पीड़ित को संदेह होने पर आरोपी ने कॉल काट दिया। कुछ देर बाद बैंक खातों से रकम कटने के संदेश आने लगे। अमर सिंह के अनुसार, अलग-अलग खातों से कुल 30 हजार रुपये निकाल लिए गए।

हजीरा थाना क्षेत्र के बिरला नगर निवासी ज्ञानचंद आर्य के भारतीय स्टेट बैंक खाते से 15 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे 72 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद ई-जीरो एफआईआर पुलिस को प्राप्त हुई। पीड़ित ने 26 अक्टूबर को थाने पहुंचकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

डबरा देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बरोठा निवासी रामसिंह कुशवाह ने बताया कि 22 अक्टूबर की रात फोन-पे पर पंजाब एंड सिंध बैंक खाते का बैलेंस देखने पर उसमें केवल 729 रुपये बचे थे। लेनदेन का विवरण देखने पर पता चला कि उनकी जानकारी और अनुमति के बिना पांच बार में रकम निकाली गई। इनमें 50 हजार, 20 हजार और एक-एक हजार रुपये के तीन लेनदेन शामिल थे। इस तरह खाते से कुल 73 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है।

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