नयी दिल्ली , मार्च 30 -- चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों और छह राज्यों में होने वाले उपचुनाव में 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान करेंगे।

आयोग ने इस सुविधा को लेकर विस्तृत आंकड़े जारी किए हैं। केरल, असम और पुडुचेरी में इस सुविधा को लेकर उल्लेखनीय भागीदारी देखी जा रही है।

आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इन तीनों राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 1,67,361 बुजुर्ग मतदाताओं (53.5 प्रतिशत) और 70,499 दिव्यांग मतदाताओं (15.22 प्रतिशत ) को घर से मतदान की अनुमति दी गई है। इस तरह कुल मिलाकर 2.37 लाख से अधिक मतदाता इस सुविधा का लाभ उठाएंगे।

राज्यवार आंकड़ों के आध्रार पर केरल में सबसे ज्यादा 1,45,521 बुजुर्ग मतदाताओं (71.27 प्रतिशत) और 62,240 दिव्यांग मतदाताओं (25.50 प्रतिशत) को होम वोटिंग की मंजूरी मिली है। असम में 19,774 बुजुर्ग (19.32 प्रतिशत) और 6,638 दिव्यांग मतदाता (3.23 प्रतिशत) इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। वहीं पुडुचेरी में 2,066 बुजुर्ग (34.31 प्रतिशत) और 1,621 दिव्यांग मतदाता (11.6 प्रतिशत) घर से मतदान करेंगे।

आयोग ने बताया कि यह सुविधा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत प्रदान की गई है, जिसके तहत पात्र मतदाता पोस्टल बैलेट के माध्यम से अपने घर से ही मतदान कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के पास अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।

घर से मतदान की प्रक्रिया केरल, असम और पुडुचेरी में शुरू हो चुकी है और इसे पांच अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। मतदाताओं को पहले से मतदान की तिथि और समय की जानकारी दी जाती है और चुनाव अधिकारियों की टीम उनके घर जाकर मतदान प्रक्रिया पूरी कराती है।

आयोग ने घर से मतदान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक टीम के साथ वीडियोग्राफर और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था की है। साथ ही, पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है, जबकि मत की गोपनीयता को बरकरार रखा जाता है। इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को ऐसे मतदाताओं की सूची और कार्यक्रम की जानकारी भी दी गई है। वे चाहें तो अपने प्रतिनिधि को मतदान टीम के साथ भेज सकते हैं।

आयोग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाना और चुनाव प्रक्रिया को अधिक समावेशी एवं सुलभ बनाना है।

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