लखनऊ , अगस्त 12 -- पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बैंककर्मियों ने बुधवार शाम लालबाग स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में फोरम से संबद्ध विभिन्न बैंक यूनियनों के सैकड़ों पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की। फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि बैंककर्मी इस मांग को लेकर पूर्व में प्रदर्शन, धरना, रैली और सोशल मीडिया अभियान चला चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष 27 जनवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल भी की गई थी, लेकिन अब तक मांग पर निर्णय नहीं हुआ है।

सभा को संबोधित करते हुए एनसीबीई के महामंत्री डीके सिंह ने कहा कि रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी और नाबार्ड समेत कई संस्थानों में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था लागू है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों के साथ यह व्यवस्था लागू नहीं किया जाना उचित नहीं है।

यूनियन के राज्य संयोजक वाईके अरोड़ा ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने पर बैंक कर्मचारी प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने के लिए तैयार हैं।

एसके संगतानी ने कहा कि आईबीए बैंककर्मियों की मांग स्वीकार कर सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेज चुका है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग बैंककर्मियों की जायज मांग है और इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए।

प्रदर्शन में वाईके अरोड़ा, डीके सिंह, एसके संगतानी, लक्ष्मण सिंह, संदीप सिंह, सचिन केसरवानी, वीके माथुर, अशोक अग्रवाल और अनिल श्रीवास्तव समेत विभिन्न बैंक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने कहा कि यदि पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बैंककर्मी आगे व्यापक आंदोलन करने को तैयार हैं।

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