पटना , जून 12 -- िहार में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पौधारोपण अभियान की शुरूआत शुरू कर दी है। विभाग ने इस वर्ष कुल पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें कृषि वानिकी योजना के तहत 59 लाख 04 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा।
विभागीय जानकारी के अनुसार, पटना रीजन के अंतर्गत आने वाले औरंगाबाद, भोजपुर, गया, नालंदा और पटना जिलों में कृषि वानिकी योजना के तहत नौ लाख अन्य प्रजातियों के पौधे तथा 50 हजार बांस के पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा।
विभाग की ओर से केवल कृषि वानिकी योजना ही नहीं, बल्कि कैंपा योजना, विभागीय पौधारोपण कार्यक्रमों तथा अन्य बाहरी स्रोतों के माध्यम से भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाएगा। राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए विभाग विभिन्न संस्थानों और समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है।
पौधारोपण को जन आंदोलन से जोड़ने के लिए विभाग स्कूलों और कॉलेजों में पौधों का वितरण, बच्चों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराने, जीविका समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं , मनरेगा वीबी-जी राम जी तथा ग्रामीण समुदायों के सहयोग से वृक्षारोपण को प्रोत्साहित कर रहा है।
इस मॉनसून सीजन में बरगद, पीपल, बकैन, सेमल, अर्जुन, महोगिनी, कटहल और बीजू आम सहित कई उपयोगी एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का रोपण किया जाएगा। यह अभियान जुलाई महीने के पहले सप्ताह से शुरू होकर पूरे वर्षाकाल तक जारी रहेगा।
इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए विभाग विभिन्न हितधारकों की सहायता भी लेगा। स्कूल, कॉलेज, वक्फ बोर्ड, स्थानीय एनजीओ और अन्य संस्थानों को भी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
विभाग ने आमजन, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों से पौधारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
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