पटना , अगस्त 24 -- िहार में पर्यटन के बदलते परिदृश्य में राजगीर ने अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रकृति की खूबसूरती, हरी-भरी पहाड़ियां, घने वन क्षेत्र, गर्म जलस्रोत, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का संगम राजगीर को राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल कर रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को एक ही स्थान पर प्रकृति, रोमांच, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव मिल रहा है।

इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विकसित सुविधाओं ने राजगीर के पर्यटन आकर्षण को और विस्तार दिया है।

राजगीर नेचर सफारी इको टूरिज्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। पहाड़ियों और प्राकृतिक वन क्षेत्र के बीच विकसित यह परिसर पर्यटकों को प्रकृति के करीब ले जाने के साथ रोमांचक अनुभव भी प्रदान करता है। ग्लास स्काईवॉक, सस्पेंशन ब्रिज, नेचर ट्रेल सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियां पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित करती हैं।

नेचर सफारी का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से पर्यटकों को वन, वन्यजीव, जैव-विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया जा रहा है।

राजगीर की प्राकृतिक पहचान उसकी मनोरम पहाड़ियों से जुड़ी है। वैभवगिरि, विपुलाचल, रत्नागिरि, उदयगिरि और स्वर्णगिरि जैसी पहाड़ियां यहां के प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को विशिष्ट बनाती हैं। इन पहाड़ियों के बीच प्रकृति भ्रमण, मनोरम दृश्यों का आनंद और आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा पर्यटकों को अलग अनुभव प्रदान करती है।

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