जालंधर , अक्टूबर 13 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव राजेश बाघा ने राज्य में पहले से निर्मित सड़कों के दोबारा निर्माण के नाम पर करीब 500 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा कि यह मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय पहुंचने से राज्य सरकार के पारदर्शिता और ईमानदारी के दावों पर सवाल खड़े हुए हैं।
श्री बाघा ने मंगलवार को कहा कि यदि पंजाब मंडी बोर्ड ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से पहले ही बनायी जा चुकी सड़कों के लिए नये सिरे से टेंडर जारी किये और भुगतान भी किया, तो यह सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल पैदा करता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से करायी जाये।
भाजपा नेता ने कहा कि गुरदासपुर निवासी रंजीत सिंह की ओर से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका में लगाये गये आरोपों की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा पंजाब सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगना मामले की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाये और जांच पूरी होने तक विवादित कार्यों से जुड़े नए टेंडरों तथा भुगतानों के संबंध में उचित कदम उठाये जायें।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का पारदर्शी तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित