बैतूल , सितंबर 15 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड के हिडली गांव की बेटी मेहुल धुर्वे ने प्रथम प्रयास में ही फ्रेशर के रूप में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) बोधगया, बिहार में चयनित होकर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

मेहुल की प्रारंभिक शिक्षा बैतूल के आरडी पब्लिक स्कूल में हुई। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही मेहुल ने कक्षा 10वीं में 91 प्रतिशत और कक्षा 12वीं में 85 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्होंने पढ़ाई के दौरान अपने लक्ष्य पर लगातार ध्यान केंद्रित रखा और मजबूत शैक्षणिक आधार के बल पर आईआईएम बोधगया में प्रवेश हासिल किया।

मेहुल की सफलता में परिवार की शिक्षा और संस्कारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी माता कुसुम धुर्वे शिक्षिका हैं और रातामाटी खेड़ी, सावलीगढ़ में पदस्थ हैं। उनके पिता रविशंकर धुर्वे धनोरा में वेटरनरी ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।

मेहुल की दादी स्वर्गीय सुबरती धुर्वे पूर्व शिक्षिका रही हैं, जबकि दादा छन्नू धुर्वे भृत्य के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। परिवार में शिक्षा का माहौल लगातार रहा है। उनकी बड़ी बहन पुष्पांजलि धुर्वे बीडीएस की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि मंझली बहन गरिमा धुर्वे नोएडा में आर्किटेक्ट के रूप में कार्यरत हैं।

मेहुल के आईआईएम बोधगया में चयन की खबर मिलने के बाद परिजनों, रिश्तेदारों और परिचितों ने उन्हें बधाई दी। उनकी उपलब्धि को ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायी माना जा रहा है। मेहुल ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत को दिया।

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