अमृतसर , सितंबर 12 -- श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व के अवसर पर शनिवार को सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब और गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माथा टेका और गुरबाणी कीर्तन एवं गुरमत समागमों में शामिल होकर श्रद्धा प्रकट की।

गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पांच प्यारों की अगुवाई में पारंपरिक नगर कीर्तन सजाया गया, जो सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचकर संपन्न हुआ। नगर कीर्तन की रवानगी के अवसर पर हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने पांच प्यारों, निशानची और नगाड़ची सिंहों को सिरोपे देकर सम्मानित किया।

ज्ञानी अमरजीत सिंह ने संगत को पहले प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पावन बाणी सिख जीवन का आधार है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरबाणी में दर्शाए मार्ग और गुरमत मर्यादा के अनुसार जीवन व्यतीत करने की अपील की।

एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी ने आदि श्री गुरु ग्रंथ साहिब का संकलन कर संगत को गुरबाणी से जोड़ा। उन्होंने कहा कि गुरबाणी मानवता को जीवन का सही मार्ग दिखाती है। धामी ने संगत से गुरबाणी के नितनेम से जुड़ने और अमृतधारी बनने की प्रेरणा ली।

नगर कीर्तन के दौरान सिख युवाओं ने गतका प्रदर्शन किया, जबकि विभिन्न रागी और शब्दी जत्थों ने गुरबाणी का गायन किया। रास्ते में श्रद्धालुओं की ओर से विभिन्न प्रकार के लंगर भी लगाये गये।

पहले प्रकाश पर्व के अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में विशेष सजावट की गयी। हरिमंदिर साहिब में रंग-बिरंगे फूलों से की गयी सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। हरिमंदिर साहिब, गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों को दीपमाला से सजाया गया।

प्रकाश पर्व को समर्पित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में आयोजित गुरमत समागम में रागी, ढाडी और कविशरी जत्थों ने गुरबाणी और गुरु यश के माध्यम से संगत को निहाल किया। इस अवसर पर एसजीपीसी के पदाधिकारी, सदस्य, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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