लखनऊ , सितंबर 7 -- ) उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए ग्रामीण परिवारों को सस्ती एवं सुलभ दरों पर स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन का निर्माण कराया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन और संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत उत्सव भवनों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया था। इसके तहत पहले चरण में प्रदेश की 71 ग्रामीण विधानसभाओं में एक-एक भवन के निर्माण के लिए धनराशि जारी की गई है। प्रत्येक भवन की अनुमानित लागत 1.41 करोड़ रुपये है और इन भवनों का निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है। पंचायत उत्सव भवन के लिए 3000 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें 520 वर्गमीटर क्षेत्रफल में भवन का निर्माण किया जाएगा। इसमें 100 लोगों की क्षमता वाला सभागार, मंच एवं मंडप, तीन कमरे, भूतल पर शौचालय सहित दिव्यांगजन के लिए सुविधायुक्त कमरा, पुरुष एवं महिला शौचालय, दिव्यांगजन शौचालय और रसोईघर समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
योजना के दूसरे चरण में वित्तीय वर्ष 2026-27 के नियमित बजट से 71 पंचायत उत्सव भवनों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। वहीं, अनुपूरक बजट में 78 भवनों के निर्माण के लिए 109 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
भवनों का संचालन ग्राम पंचायत द्वारा निविदा प्रक्रिया से चयनित निविदादाता के साथ अनुबंध कर किया जाएगा। रखरखाव, आवंटन, मरम्मत, जल एवं विद्युत व्यय सहित संचालन की जिम्मेदारी अनुबंधित निविदादाता की होगी। अनुबंध अधिकतम पांच वर्ष के लिए मान्य होगा। निविदा की शर्तें, संचालन की मानक प्रक्रिया और आवंटन दरों का निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।
योजना से ग्रामीण परिवारों को मांगलिक कार्यक्रमों के लिए सुविधाजनक स्थान मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार होगा।
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