तिरुवनंतपुरम , मई 18 -- मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली नवगठित केरल सरकार की पहली मंत्रिमंडल बैठक में सोमवार को कई बड़े जनकल्याणकारी उपायों को मंजूरी दी गयी। इनमें 15 जून से केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए नि:शुल्क यात्रा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग विभाग की स्थापना तथा आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि शामिल है।
नयी सरकार के शपथ ग्रहण के कुछ घंटों के भीतर घोषित इन फैसलों को विधानसभा चुनाव के दौरान व्यापक रूप से प्रचारित 'इंदिरा गारंटी' अभियान के प्रमुख वादों को लागू करने की दिशा में यूडीएफ सरकार का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मंत्रिमंडल ने 15 जून से केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों में महिलाओं के लिए नि:शुल्क यात्रा को मंजूरी दी। इसके साथ ही केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के बाद महिलाओं के लिए इस महत्वाकांक्षी परिवहन योजना को लागू करने वाला एक और दक्षिणी राज्य बन गया है। संबंधित विभागों को योजना शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गये हैं।
मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा, "भारत में अपनी तरह की पहली और ऐतिहासिक पहल के रूप में सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए अलग मंत्रालय और विभाग स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।" प्रस्तावित विभाग जापान के वृद्ध कल्याण मॉडल सहित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्थाओं का अध्ययन कर राज्य की वृद्ध आबादी के लिए दीर्घकालिक नीतियां तैयार करेगा।
इसके लिए एक विशेष समिति वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त वृद्ध देखभाल प्रणालियों का विस्तृत अध्ययन कर केरल में वैज्ञानिक और व्यापक नीति लागू करने संबंधी सिफारिशें देगी। मंत्रिमंडल ने अग्रिम पंक्ति के कल्याणकारी कर्मचारियों के लिए भी राहत उपायों की घोषणा की। आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में पहले चरण में तत्काल तीन हजार रुपये की वृद्धि की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के लिए सेवानिवृत्ति लाभ भी जल्द शुरू किए जाएंगे और इसका विस्तृत पैकेज बाद में घोषित किया जाएगा।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त एक हजार रुपये दिए जाएंगे, जबकि रसोई कर्मचारियों के वेतन में भी एक हजार रुपये की वृद्धि की गई है। प्री-प्राइमरी आया के मानदेय में भी एक हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी। सरकार ने संकेत दिया कि राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार होने पर इन लाभों को और बढ़ाया जा सकता है।
मंत्रिमंडल ने केरल की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करने का भी निर्णय लिया, जिससे यह संकेत मिलता है कि नई सरकार विरासत में मिली आर्थिक चुनौतियों को सार्वजनिक रूप से सामने रखना चाहती है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि पहली ही मंत्रिमंडल बैठक में 'इंदिरा गारंटी' के दो बड़े वादों को मंजूरी देकर यूडीएफ सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वह विशेष रूप से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े कल्याणकारी वादों को शीघ्र लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। चुनाव परिणामों में इन दोनों वर्गों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।
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