मुंबई , जुलाई 28 -- इस वर्ष की चर्चित फिल्म 'धुरंधर' के निर्माताओं में शामिल बी62 स्टूडियोज़ के सह-संस्थापक एवं निर्माता लोकेश धर ने अपनी पहली फिल्म 'आर्टिकल 370' को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मिली बड़ी सफलता पर भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोकेश धर ने कहा कि स्टूडियो की पहली ही फिल्म का तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीतना पूरी टीम के लिए गर्व, सम्मान और कृतज्ञता का क्षण है।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में 'आर्टिकल 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, यामी गौतम धर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और शाश्वत सचदेव को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार मिला है। इसके बाद लोकेश धर ने एक भावनात्मक संदेश साझा करते हुए फिल्म के सफर, स्टूडियो की सोच और उन कहानियों का उल्लेख किया, जिन्होंने उनके रचनात्मक दृष्टिकोण को आकार दिया।
लोकेश धर ने कहा, "राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा हुए कुछ समय हो गया है। आर्टिकल 370 बी62 स्टूडियोज़ की पहली फिल्म थी, जिसे हमने लगभग दो वर्ष पहले रिलीज किया था। हमारी कोशिश हमेशा ऐसी कहानियां दर्शकों तक पहुंचाने की रही है, जो उन्हें सोचने पर मजबूर करें और फिल्म खत्म होने के बाद भी उनके मन में बनी रहें। हालात हमेशा हमारे पक्ष में नहीं थे, लेकिन अंडरडॉग होना भी अपने आप में एक विशेष अनुभव होता है।"उन्होंने कहा कि फिल्म को मिले तीन राष्ट्रीय पुरस्कार पूरी टीम के लिए बेहद सम्मानजनक उपलब्धि हैं। उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार जूरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दर्शकों ने जिस तरह आर्टिकल 370 को अपनाया, उसी तरह धूम धाम, बारामूला और धुरंधर जैसी फिल्मों को भी भरपूर प्रेम दिया है।
लोकेश धर ने अपने बचपन की यादों का जिक्र करते हुए बताया कि कश्मीर से जुड़ी कहानियों ने उनके भीतर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि बचपन में परिवार के बुजुर्गों से सुनी गई कहानियां आज भी उनकी रचनात्मक सोच को प्रेरित करती हैं और उनकी फिल्मों में कहीं न कहीं उनकी झलक दिखाई देती है।
उन्होंने कहा, "जब शाम को बिजली चली जाती थी, तब बैटरी से चलने वाले रेडियो पर रेडियो कश्मीर की खबरें सुनाई देती थीं। इसके बाद घर के बड़े-बुजुर्ग किस्से सुनाया करते थे। उन कहानियों में नदियां और चौड़ी होती थीं, बर्फ और गहरी होती थी और कल्पनाओं की दुनिया और भी विशाल होती थी। वे कहानियां हमें अपनी दुनिया में खींच लेती थीं और आज भी हमारी रचनात्मक यात्रा को दिशा देती हैं।"अपने संदेश के अंत में उन्होंने इस उपलब्धि को फिल्म से जुड़े सभी लोगों को समर्पित करते हुए कहा कि उनकी हर फिल्म उन लोगों के साहस, संघर्ष और अनुभवों को सम्मान देने का प्रयास है, जिनकी कहानियां समय के साथ भी जीवित रहती हैं।
उन्होंने फिल्म की कास्ट, क्रू, निर्देशक, लेखक, जियो स्टूडियोज़ तथा अपने परिवार और मित्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उन सभी की साझा सफलता है, जिन्होंने इस सफर में साथ दिया।
आर्टिकल 370 की राष्ट्रीय पुरस्कारों में मिली सफलता को बी62 स्टूडियोज़ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। स्टूडियो का कहना है कि वह आगे भी भारतीय समाज, संस्कृति और संवेदनाओं से जुड़ी प्रभावशाली कहानियां दर्शकों तक पहुंचाने के अपने संकल्प पर कायम रहेगा।
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