वाशिंगटन , अप्रैल 23 -- अमेरिकी सांसदों ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक एकजुटता का आह्वान करते हुए पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों पर कठोर नकेल कसने की अपील की है। वाशिंगटन डी.सी. स्थित कैपिटल हिल में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित प्रदर्शनी 'आतंकवाद की मानवीय कीमत' के दौरान सांसदों ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पहलगाम हमले की पहली बरसी के अवसर पर आयोजित इस विशेष प्रदर्शनी में अमेरिकी कांग्रेस के 19 सदस्य और 60 से अधिक कांग्रेसी कार्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों, थिंक टैंक और भारतीय समुदाय के बीच आतंकवाद की स्पष्ट शब्दों में निंदा की गई।
कांग्रेस के सदस्य ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) को लश्कर-ए-तैयबा का ही हिस्सा माना जाता है, जिसे पाकिस्तान में पनाह मिली हुई है। हमें पाकिस्तान सरकार से यह स्पष्ट मांग करनी चाहिए कि वह लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों को पूरी तरह खत्म करे।"संबोधन के दौरान राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को दोहराते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने जोर दिया कि मानवता की रक्षा के लिए दुनिया भर के देशों को आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी।
हाउस रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस की अध्यक्ष लिसा मैकक्लेन और सांसद रिचर्ड मैककॉर्मिक ने भी इस खतरे को एक 'साझा दुश्मन' बताया। मैकक्लेन ने खुफिया जानकारी साझा करने और आपसी तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया, जबकि मैककॉर्मिक ने इसे एक ऐसी "अनोखी बुराई" करार दिया जो स्वतंत्रता और एकता पर प्रहार करती है।
डिजिटल और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से इस प्रदर्शनी में 1993 के मुंबई बम धमाकों से लेकर 2008 के मुंबई हमलों और पिछले साल हुए पहलगाम हमले के विनाशकारी परिणामों को दिखाया गया। यह आयोजन उन परिवारों और समुदायों को समर्पित था जिन्होंने आतंकी हिंसा में अपने प्रियजनों को खोया है।
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