नयी दिल्ली , अप्रैल 22 -- कांग्रेस ने एक साल पहले जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में जान गवांने वाले निर्दोष नागरिकों को याद करते हुए नमन किया है और कहा है कि इस हमले के गुनाहगार आतंकवादियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को आज वैश्विक स्वीकार्यता मिलना चिंताजनक है और यह स्पष्ट रूप से हमारी सरकार की कूटनीतिक विफलता है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "आज 22 अप्रैल का दिन हर भारतीय के लिए गहरे दुख और पीड़ा का दिन रहेगा। ठीक एक वर्ष पहले, पहलगाम में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी हमला हुआ था। हमारी संवेदनाएं उन शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। हम उस युवा स्थानीय घोड़ा-चालक (पोनीवाला) की बहादुरी को भी याद करते हैं, जिसने एक पर्यटक को बचाने की कोशिश करते हुए अपनी जान गंवा दी।" जन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने स्वीकार किया था कि यह एक खुफिया विफलता थी लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस स्वीकारोक्ति पर क्या कार्रवाई की गई, हालांकि कुछ महीनों बाद हमलावरों को न्याय के कटघरे में लाया गया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के बाद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गया था। उसकी अर्थव्यवस्था आज भी कमजोर स्थिति में है और बाहरी मदद पर निर्भर है। उसके समाज और राजनीति में अलगाववादी प्रवृत्तियां गहराई से जमी हुई हैं। वहां की राजनीति अव्यवस्थित है और देश का नियंत्रण वास्तविक रूप से सेना के हाथ में है। इसके बावजूद, वही असफल राष्ट्र, जिसके सेना प्रमुख ने इस हमले से कुछ दिन पहले भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान दिए थे, आज एक नई वैश्विक स्वीकार्यता हासिल करता दिख रहा है।
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