नयी दिल्ली , जुलाई 02 -- पश्चिम रेलवे के मालदा मंडल में 20 सिग्नल प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए रेलवे ने 274 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी प्रदान की है।

रेलवे ने गुरुवार को बताया कि मालदा मंडल में 20 जगहों पर रिले-आधारित इंटरलॉकिंग को उन्नत इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) में बदला जाएगा। इसके लिए 274 करोड़ रुपये की परियोजना मंज़ूर की गयी है। यह परियोजना प्रोजेक्ट पश्चिम रेलवे के ज़्यादा इस्तेमाल वाला नेटवर्क (एचयूएन) मार्ग पर मौजूद 18 रेलवे स्टेशनों और दो इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (आईबीएस ) जगहों पर मौजूदा रिले रूम/पैनल इंटरलॉकिंग (पीआई/पीआरआई) प्रणाली की जगह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) लगाएगा।

रेलवे ने कहा कि इस आधुनिकीकरण से सिग्नल प्रणाली की विश्वसनीयता, दक्षता और रखरखाव की क्षमता में काफी सुधार होगा और साथ ही पश्चिम रेलवे के सबसे व्यस्त गलियारों में से एक पर बढ़ते यात्री और माल ढुलाई को संभालने के लिए एक मज़बूत तकनीकी आधार तैयार होगा।

इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक आधुनिक इंजीनियरिंग और कंप्यूटर नेटवर्क-आधारित प्रणाली है, जो मार्ग सेटिंग और सिग्नलिंग कार्यों को स्वचालित बनाती है। साथ ही उपकरण खराब होने और मानवीय गलती की संभावना को काफी कम करती है।

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